Mahakaal Shayari In Hindi
अकाल मृत्यु वो मरे जो कार्य करे चांडाल का,
कल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का
महाकाल वो हस्ती है
जिससे मिलने कोदुनिया तरसती है औरहम ऊसी महफिल मे बैठते हैजहाँ महाकाल की महफिल सजती है.
मन्दिर के बाहर खड़े भक्त से
महाकाल कहते हैं...बेझिझक भीतर चले आईये"पाप" करके आप थक गये होंगे?मगर.."माफ़" करके मैं नहीं थका.!!
लोग कहते हे क़ि मै बावली हूँ
पर वह क्या जाने मै तोमेरे महाँकाल की लाड़ली हूँ।।
Mahakaal Shayari In Hindi
अकाल मृत्यु वो मरे जो कार्य करे चांडाल का,
कल भी उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का
महाकाल वो हस्ती है
जिससे मिलने कोदुनिया तरसती है औरहम ऊसी महफिल मे बैठते हैजहाँ महाकाल की महफिल सजती है.
मन्दिर के बाहर खड़े भक्त से
महाकाल कहते हैं...बेझिझक भीतर चले आईये"पाप" करके आप थक गये होंगे?मगर.."माफ़" करके मैं नहीं थका.!!
लोग कहते हे क़ि मै बावली हूँ
पर वह क्या जाने मै तोमेरे महाँकाल की लाड़ली हूँ।।
मौत का डर उनको लगता है,
जिनके कर्मों में दाग हैहम तो महाकाल के भक्त हैं,हमारे तो खुन में भी आग है
हम महादेव के दीवाने है!
तान के सीना चलते है!ये महादेव का जंगल है!यहाँ शेर महाकाल के पलते है।
हे महाकाल ...! मेरे गुनाहों को
माफ़ कर देना क्योंकि...में जिस माहौल में रहेता हुउसका नाम दुनिया हे
लगाके दौलत मे आग
हमने ये शौक पाला है,कोई पुछे तो कह देना ,ये पागल महाकाल का दीवाना है
जब भी मैँ अपने बुरे
हालातो से घबराता हूँ ,तब मेरे महाकाल कीआवाज आती है,रूक मैँ आता हूँ
आता हूँ महाकाल दर पे तेरे,
अपना सर झुकाने को;सौ जन्म भी कम है भोले,एहसान तेरा चुकाने को
गरज उठे गगन सारा,
समुन्दर छोड़ें अपना किनारा;हिल जाए जहान सारा,जब गूंजे महाकाल का नारा
महाकाल कि महेफील में
बैठा किजिए साहब ।बादशाहत का अंदाज़खुद ब खुद आ जायेगा।।
खौफ फैला देना नाम का ,
कोई पुछे तो कह देनाभक्त लौट आया हैमहाकाल का!
आंधी तुफान से वो डरते है
जिनके मन में प्राण बसते हैजिनके मन मे #महाकाल बसते हैंवो मौत देखकर भी हँसते है
हथियार की जरूरत नही पडेगी साहब
बस महाकाल बोलते ही स्वहाहो जायेगा!!!जय महाकाल
चल रहा हूं धूप में तो
महाकाल तेरी छाया है..!!शरण है तेरी सच्चीबाकी तो सब मोह माया है..!!
लोगो ने कुछ दिया
तो सुनाया भी बहुत कुछऐ महादेव एक तेरा ही दर हैजहा कभी ताना नहीं मिला!!
अघोर हूं मैं,अघोरी मेरा नाम
#महाकाल है आराध्य मेरे,ओर श्मशान मेरा धाम
ॐ में ही आस्था हैं,
ॐ में ही विश्वास हैं,ॐ में ही शक्ति हैं,ॐ में ही संसार,ॐ से होती हैं अच्छे दिन की शुरूआत.
सागर मथ के सभी देवता अमृत पर ललचाए
तुम अभ्यंकर विष को पीकर नीलकंठ कहलाए
हर ओर सत्यम-शिवम-सुन्दरम,
हर हृदय में हर-हर हैं,जड़ चेतन में अभिव्यक्त सततकंकर-कंकर में शंकर हैं.
ठंड ऊनको लगैगी जिनके करमो में दाग है
हम तो भोलेनाथ के भक्त्त है भैया हमारे तो मूंह में भी आग हैहर हर महादेव
सबसे बड़ा तेरा दरबार है,
तू ही सब का पालनहार हैसजा दे या माफी महादेव,तू ही हमारी सरकार है.हर हर महादेव
कैसे कह दूँ कि मेरी, हर दुआ बेअसर हो गई,
मैं जब जब भी रोया, मेरे भोलेनाथ को खबर हो गई…!!!जय श्री भोलेनाथ
शंकर की ज्योति से नूर मिलता है
भक्तो के दिलों को सुकून मिलता हैशिव के द्वार आता है जो भीसबको फल ज़रूर मिलता है!
शिव की शक्ति, शिव की भक्ति, खुशी की बहार मिले,
शिवरात्रि के पावन अवसर पर आपको ज़िंदगी की एक नयी अच्छी शुरुआत मिले.
सारा जहाँ है जिसकी शरण मैं
नमन है उस शिव के चरण मेंबने उस शिव के चरणो की धूलआओ मिलकर चढ़ाये हम श्रद्धा के फूल
शिव की ज्योति से प्रकाश बढ़ता है,
जो भी जाता है भोले के द्वार,कुछ ना कुछ उससे ज़रूर मिलता है!
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